भारत ने लिया पुलवामा शाहदत का बदला

नई दिल्‍ली। भारत ने 14 फरवरी को कश्‍मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले का पाकिस्‍तान से बदला ले लिया है। मंगलवार सुबह साढ़े 3 बजे भारतीय वायुसेना के मिराज 2000 लड़ाकू विमानों के एक ग्रुप ने पाक अधिकृत कश्‍मीर(पीओके) में जैश-ए-मुहम्‍मद के एक कैंप पर 1000 किलोग्राम बम बरसाए। इस हमले में जैश-ए-मुहम्‍मद के कई ठिकाने तबाह हो गए हैं।

पाकिस्तानी सेना के मेजर जनरल आसिफ गफूर ने भारतीय वायुसेना के पीओके में बमबारी की कथित तस्वीरें ट्वीट की हैं। हालांकि, भारत की ओर से इस सर्जिकल स्‍ट्राइक की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पाकिस्‍तान को करारा जवाब दिया जाएगा और उन्‍होंने ऐसा कर दिखाया है। सूत्रों की मानें तो वायुसेना ने करीब 12 मिराज 2000 विमानों का इस्तेमाल करते हुए पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया है।

इस बीच सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ मसूद अजहर को ‘सेफ जोन’ में छिपा दिया है। लेकिन पाकिस्‍तान किसी भी बिल में जैश सरगना मसूद अजहर को छिपा कर रखे भारत उसे खोज ही निकालेगा। आइए आपको बताते हैं कि 14 फरवरी को सीआरपीएफ काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद से अब तक भारत ने कैसे पाकिस्‍तान का घेराव किया।

– 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी ने आत्मघाती हमला कर 40 जवानों को शहीद किया था।

– जैश-ए-मुहम्मद ने सीआरपीएफ के काफिले पर फिदायीन हमले की जिम्मेदारी ली। जेईएम प्रवक्ता मुहम्मद हसन ने एक बयान में कहा कि हमले में सुरक्षाबलों के दर्जनों वाहन नष्ट कर दिए।

– भारतीय सेना ने पुलवामा हमले के 100 घंटों के भीतर हमले के मास्‍टरमाइंड कामरान गाजी को मार गिराया। सेना को 14 फरवरी को पुलवामा हमले के बाद से ही कामरान की तलाश थी और चार दिनों के बाद आखिरकार सफलता मिल ही गई। कामरान ही वह दहशतगर्द था, जिसका दिमाग सीआरपीएफ जवानों का काफिले पर पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले के पीछे था। उसने पाकिस्तान में बैठे अपने आका मसूद अजहर के इशारे पर वारदात को अंजाम दिया था।

– पुलवामा में हुए आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इसमें पाकिस्तान का हाथ होने से इनकार किया। इमरान खान ने यह भी कहा कि अगर भारत युद्ध करेगा तो पाकिस्तान सोचेगा नहीं, बल्कि जवाब देगा, क्योंकि पाकिस्तान के पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं रहेगा।

– पुलवामा में सीआरपीफ पर आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान पर कूटनीतिक वार के साथ ही कारोबारी झटका देते हुए उससे ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ का दर्जा वापस ले लिया है। वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन में शामिल वे देश जो उसके जनरल अग्रीमेंट ऑन टैरिफ्स ऐंड ट्रेड का हिस्सा हैं, एक दूसरे को कस्टम ड्यूटी में राहत के लिहाज से यह दर्जा देते हैं।

– संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सदस्य देशों ने पुलवामा आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए फिदायीन हमले को सदस्य देशों ने घृणित और कायराना हरकत बताई। भारत के प्रस्ताव पर UNSC के P5 देशों (स्थाई सदस्यों) और 10 अस्थाई सदस्यों ने इस हमले की निंदा की, इनमें चीन भी शामिल रहा।

– सरकारी सुरक्षा के दायरे में रहकर आतंकियों की भाषा बोलने वाले हुर्रियत के कट्टरपंथी गुट के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी समेत 18 हुर्रियत नेताओं की सुरक्षा जम्मू–कश्मीर प्रशासन ने वापस ले ली। राज्य के 155 राजनीतिक नेताओं व कार्यकर्ताओं की सुरक्षा भी घटा दी। तीन दिन पहले जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने हुर्रियत के उदारवादी गुट के चेयरमैन मौलवी मीरवाइज उमर फारूक समेत पांच अलगाववादियों की सुरक्षा भी वापस ले ली थी।

– केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार पूर्वी नदियों के भारत के हिस्से के पानी को पाकिस्तान में नहीं जाने देगी। गडकरी ने रावी, सतलुज, ब्यास नदी के पानी को पाकिस्तान में बहने से रोकने के ऐलान का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच इस संबंध में संधि आपसी समझ और प्रेम पर आधारित थी लेकिन आतंकवाद को समर्थन के साथ ऐसा नहीं हो सकता।
– पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारत के सख्त रुख पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शांति को एक मौका देने को कहा। साथ ही यह आश्वासन दिया कि वह अपने शब्दों पर कायम रहेंगे। अगर भारत पुलवामा हमले पर पाकिस्तान को ‘कार्रवाई करने योग्य सुबूत’ देता है तो वह तत्काल उपयुक्त कदम उठाएंगे।

– 25 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले के बाद उपजी सुरक्षा चुनौतियों को लेकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने 44 देशों में तैनात भारत के डिफेंस अटैची के साथ दिल्ली में अहम बैठक की। दो दिनों तक चलने वाली इस बैठक में आतंकवाद के मोर्चे पर पाकिस्तान को बेनकाब करने पर चर्चा हुई। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार इस बैठक का बड़ा मकसद आतंकवाद के मसले पर विश्व शक्तियों को एकसाथ लाना है।

– भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ नरम रुख दिखाया। श्रीनगर और मुजफ्फराबाद के बीच चलने वाली क्रॉस एलओसी बस सेवा 25 फरवरी को एक बार फिर शुरू हो गई है।

Sushil Kumar Josh

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