पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने के लिए स्वयं सहायता समूहों में होंगे आधुनिक तौर तरीकें विकसित -जानिए खबर

देहरादून(ब्यूरो)। पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए स्वयं सहायता समूहों में वृद्धि कर उनमें कार्य करने के आधुनिक तौर तरीकों को विकसित किया जायेगा और साथ ही मनरेगा के तहत श्रमिकों का भुगतान समय पर होगा।

बता दें कि मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को सचिवालय में ग्राम्य विकास, औद्योगिक विकास एवं आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक की। यह समीक्षा सीएम डेशबोर्ड के तहत की-परफोर्मेंस इंडिकेटर के आधार पर की जा रही है। मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि सीएम डेशबोर्ड ‘उत्कर्ष’ को अपने डेस्कटॉप पर रखें। कार्यों के लिए जो प्रतिमाह का टारगेट दिया गया है, वो हर हाल में पूर्ण करें। कार्यों की लगातार मोनिटरिंग से कार्य प्रगति में तेजी आयेगी।

ग्राम्य विकास विभाग के अन्तर्गत मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मनरेगा, श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, आईएलएसपी आदि की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार सृजन पर अधिक बल दिया जाय। पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए स्वयं सहायता समूहों में वृद्धि कर उनमें कार्य करने के आधुनिक तौर तरीकों को विकसित किया जाए। मनरेगा के तहत श्रमिकों का भुगतान समय पर हो।

वहीं मुख्यमंत्री ने ग्रोथ सेंटरों की प्रगति की जानकारी भी ली। अभी तक 67 ग्रोथ सेंटर स्वीकृत हो चुके हैं। कुछ ग्रोथ सेटरों में जल्द कार्य शुरू किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण की दिशा में प्रभावी प्रयासों की जरूरत है। इसके लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगले साल से हरेला पर्व पर प्रदेशभर में बृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया जायेगा।

बता दें कि बैठक में जानकारी दी गई कि ग्राम्य विकास विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 में कुल 10420 लोगों को रोजगार दिया गया। जिसमें से 7543 लोगों को स्वरोजगार, 2573 लोगों को कौशल परक रोजगार दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत इस वर्ष अगस्त तक 645 आवास बनाने का लक्ष्य था जिसके सापेक्ष 605 आवास बन चुके हैं। मनरेगा के अन्तर्गत 3705 लाख लीटर जल संरक्षण के सापेक्ष 3064 लाख लीटर जल संरक्षण किया गया। मनरेगा के तहत 99.54 प्रतिशत मजदूरी का भुगतान हो चुका है।

औद्योगिक विकास विभाग की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री कहा कि इन्वेस्टर समिट के बाद जो निवेश अभी तक प्रदेश में हुआ है, इसमें स्थानीय स्तर पर कितने लोगों को रोजगार मिला व किस क्षेत्र में रोजगार अधिक मिला इसका पूरा डाटा रखा जाए। उद्यमिता व एवं रोजगार की समग्र समीक्षा हेतु जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ‘स्वरोजगार प्रोत्साहन एवं अश्रवण समिति’ का गठन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में औद्योगिक विकास विभाग में कुल 36047 लोगों को रोजगार दिया गया है।

आबकारी विभाग के समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि चैक पोस्ट और बॉर्डर क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए सघन चैकिंग की जाए। जिन स्थानों पर मदिरा की दुकाने नहीं बिकी हैं, ऐसे स्थानों पर भी निरीक्षण किया जाय कि इन स्थानों पर कोई अवैध रूप से शराब की बिक्री न कर रहा हो।

बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले वर्ष आबकारी से 2705 करोड़ के राजस्व की प्राप्ति हुई। बैठक में प्रमुख सचिव श्रीमती मनीषा पंवार, श्री आनन्द वर्द्धन, सचिव श्रीमती राधिका झा, श्री सुशील कुमार, प्रभारी सचिव श्री एस.ए. मुरूगेशन, अपर सचिव श्री रामविलास यादव, श्री एच.सी सेमवाल व संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

Sushil Kumar Josh

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