सियासत का सेंसेक्स ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ एबीपी न्यूज पर नेहा पंत के साथ कार्यक्रम शुरू

देहरादून। देश के सबसे यादगार चुनावी कार्यक्रम- ’कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ को आगे बढ़ाते हुए, एबीपी न्यूज ने एक बिल्कुल नया कार्यक्रम – सियासत का सेंसेक्स शुरू किया है। एक घंटे का यह कार्यक्रम एंकर नेहा पंत द्वारा होस्ट किया जाएगा और इसका प्रसारण सोमवार से शुक्रवार रात 8 से 9 बजे तक होगा।

इस शो का लक्ष्य आने वाले चुनावों के दौरान मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के दर्शकों को ओपिनियन पोल के आंकड़े देना है। सियासत का सेंसेक्स रिसर्च के साथ-साथ डेटा आधारित रिपोर्टिंग और रिपोर्ट का विस्तृत विश्लेषण दिखाएगा। अभी तक के सबसे हिट कार्यक्रम कौन बनेगा मुख्यमंत्री के इस विस्तार में 3 राज्यों की सभी प्रमुख घटनाएं और बड़ी खबरें शामिल होंगी और यह वोटिंग प्रक्रिया तथा सीटों में हिस्सेदारी के बदलते डायनैमिक्स को देखने के लिए एक बैरोमीटर के रूप में काम करेगा।

यह शो दर्शकों को हर दिन स्थानीय स्टोरीज (इन 3 राज्यों से) और नए विषयों सहित जनमत सर्वेक्षण की चाल-ढाल के बारे में अपडेट रखेगा और सीटों तथा वोटों में हिस्सेदारी के मामले में उनके असर के बारे में बताएगा। एबीपी न्यूज नेटवर्क के सीओओ श्री अविनाश पांडे ने कहा, “हमें सियासत का सेंसेक्स की शुरुआत की घोषणा कर खुशी हो रही है। इस शो को हमारे सबसे ज्यादा दर्शकों द्वारा देखे गए अपने सबसे बड़े चुनावी यादगार कार्यक्रम- कौन बनेगा मुख्यमंत्री के बैनर के तले लाया गया है। हम सामग्री निर्माण और व्यापक संपादकीय कवरेज में कई बार नवाचार के अगुवा रहे हैं, इसलिए जब खबरों और सूचनाओं की बात आती है, तो दर्शकों के लिए एबीपी न्यूज ही एकमात्र ठिकाना होता है।“

उन्होंने यह भी कहा, “यह महज चुनावी समाचार देने वाला एक और शो नहीं है, बल्कि हमारी ओर से देश के लोगों को समाज की वास्तविकता से अवगत कराने और इस तरह उन्हें देश का भविष्य गढ़ने वाला निर्णय लेने के लिए सशक्त बनाने का एक ईमानदार प्रयास है। यह शो टेलीविजन पर समाचारों की प्रस्तुति और दर्शकों द्वारा उन्हें देखने-समझने के तरीके को पूरी तरह से बदल देगा और तीन राज्यों में सामने आने वाली चुनावी नौटंकियों की परतें उधेड़ेगा।“

सी-वोटर के संस्थापक श्री यशवंत देशमुख ने कहा, “भारत में आंकड़ों की पत्रकारिता के लिहाज से सियासत का सेंसेक्स एबीपी और सी-वोटर का अभिनव प्रयास है। वर्ष 2012 और वर्ष 2016 में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के लिए हमारे दैनिक ट्रैकर में इस्तेमाल की गई पद्धति और तकनीक पर आधारित। यह राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के लिए दैनिक राज्य ट्रैकर भारतीय मीडिया में अपनी तरह की पहली कवायद है। अपनी पूर्णतः वैज्ञानिक एप्रोच के साथ यह भारत में आम जनता की धारणा को ट्रैक करने के तरीके को बदल डालेगा। हम इस ऐतिहासिक पहल में एबीपी न्यूज के साथ जुड़कर हुए बेहद खुश हैं।“

शोध पद्धति

मौजूदा अनुमान (प्रोजेक्शन) पिछले सात दिनों के दौरान संभावित मतदाताओं सहित 18$ के बालिगों के बीच एबीपी/सीवोटर के राज्यवार दैनिक ट्रैकिंग सर्वेक्षण पर आधारित हैं। आंकड़ों को राज्यों की ज्ञात जनसांख्यिकीय प्रोफाइल में समायोजित किया जाता है। इस तरीके से जनमत सर्वेक्षण के आंकड़े निकटतम संभावित रुझान प्रदान करते हैं। ट्रैकिंग पोल का जमीनी कार्य जारी किए जाने की तारीख से पिछले 7 दिनों के दौरान रैंडम संभाव्य सैंपल्स को कवर करता है। ये सैंपल चुनावी राज्यों में सभी विधानसभा सैगमेंट्स में बिखरे हुए हैं। इसमें चूक की संभावना (एम-ओ-ई) मैक्रो स्तर पर +/-3% और माइक्रो स्तर पर+/-5% ही है और भरोसेमंद संभाव्यता (कॉन्फीडेंस इंटरवल) 95% है।

एएनएन के विषय में

अनेक भारतीय भाषाओं में टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में अपनी उपस्थिति के साथ एबीपी न्यूज नेटवर्क प्रा. लिमिटेड (एएनएन) भारत और विदेशों में महत्वपूर्ण प्रभावक्षेत्र रखने वाली एक समाचार मीडिया कंपनी है। एएनएन का मुख्य उद्देश्य एक सूचना संपन्न और खुशहाल समाज बनाना है। एएनएन लगभग 90 साल पहले स्थापित हुए एबीपी समूह की एक कंपनी है और यह लगातार भारत के सबसे बड़े मीडिया समूहों में से एक बनी हुई है।

टेलीविजन एंटाइटी एएनएन का गठन 2003 में हुआ था। तब से, एएनएन ने देश में भारतीय भाषाओं में समाचार प्रसारित करने के तरीके को नई राह दिखाई हैं 2012 में, एएनएन पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय समाचार प्रसारण मीडिया कंपनी बन गई और वर्तमान में इसमें 4 चैनल हैं- एबीपी न्यूज (हिंदी), एबीपी माझा (अग्रणी और पहला 24 घंटे का मराठी न्यूज चैनल), एबीपी आनंद (अग्रणी और पहला 24 घंटे का बांग्ला न्यूज चैनल) और एबीपी अस्मिता (अग्रणी गुजराती चैनल)। एएनएन की क्रिकेट और बॉलीवुड से संबंधित प्लेटफॉर्मों के अलावा हिंदी, मराठी, बांग्ला, गुजराती, पंजाबी में समाचार वेबसाइटों के साथ डिजिटल प्लेटफार्मों पर भी काफी अच्छी उपस्थिति है।

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