प्रेम-नम्रता, सहनशीलता, विशालता ही भक्त की पहचान: विजय भाटिया

18, 19 व 20 नवंबर को होने वाले 70वें इंटरनेशनल निरंकारी समागम की भी सभी को बधाईयां

देहरादून। प्रेम, नम्रता, सहनशीलता, विशालता सहजता, सब्र-संतोष एवं निर्लेप अवस्था ही भक्त की पहचान है। जो इन दिव्य गुणों से युक्त रहते हैं वे भक्ति में ऊंचा दर्जा प्राप्त कर लेते हैं। यह उद्गार बहरीन से पधारे ब्रांच संयोजक विजय भाटिया ने संत निरंकारी सत्संग भवन रैस्ट कैंप के तत्वावधान में आयोजित प्रातःकालीन सत्संग में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए एवं सद्गुरू माता सविन्दर हरदेव जी महाराज का पावन संदेश देते हुए व्यक्त किये। और 18, 19 व 20 नवंबर को होने वाले 70वें इंटरनेशनल निरंकारी समागम की भी सभी को बधाईयां दीं।

बाबा हरदेव सिंह जी महाराज एवं निरंकारी राजमाता सद्गुरू माता सविन्दर हरदेव जी महाराज के सानिध्य में होने वाला समागम इस बार सद्गुरू बाबा हरदेव सिंह जी महाराज की यादे संजाये एवं ममतामयी सद्गुरू माता सविन्दर हरदेव जी महाराज की छत्रछात्रा में समागम का आयोजन हो रहा है। हिन्दुस्तान के प्रत्येक प्रांत, राज्यों के साथ विदेशों से संत जन मानव एकता की आवाज को जन-जन तक पहुंचाने के लिये निरंकारी संत समागम का आयोजन 18 से 20 नवंबर तक दिल्ली में किया जा रहा है। उन्होंने संत निरंकारी मिशन की वासुधेव कुटुम्ब की अवधारणा की विशालता को बताते हुए प्रकाश डाला। संत निरंकारी मिशन एक आध्यात्मिक विचारधारा है।

निरंकारी संत समागम में देश-विदेशों से आने वाले संतजनों का कारवां जो दो महीने पहले से शुरू हो चुका था निरंतर जारी है। समागम स्थल को सैकड़ों युवा, महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग अपना तन, मन धन की सेवा से सजाने संवारने में लगे हैं। जहां ब्रह्मज्ञान की ज्ञानरूपी गंगा अविरल बह रही है। संत समागम में गढ़वाल की देवभूमि पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर मैदानी क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में भक्तजन, सेवादल के युवा, महिलाएं, बुजुर्ग सैकड़ों की संख्या में जाना जारी है। समागम स्थल को सुंदर रूप प्रदान करने के लिये सभी सेवादल के सदस्य अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे है।

उन्होंने आगे कहा कि संत निरंकारी मिशन ने हमें इस ब्रह्मज्ञान की आवाज को दुनिया तक पहुंचाने का संुंदर मंच प्रदान किया है जिससे हम एकत्व, भाईचारा, समर्पण, सेवा सिमरन के साथ विश्व में रहने वाले प्रत्येक मानव के कल्याण की कामना करते हैं। दिल्ली के बाहर से आने वाले भक्तों के ठहरने व भोजन इत्यादि की व्यवस्था समागम स्थल पर ही रहेगी।

संतजनों की सुविधा के लिये सभी मैदानों में पानी, बिजली, ट्रांसपोर्ट तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इस संदर्भ में दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों तथा अन्य एजेंसियों द्वारा पूरा सहयोग दिया जा रहा है। सद्गुरु माता सविन्दर हरदेव जी महाराज अपना बहुत सा समय समागम मैदानों में दिशा निर्देश देने व समागम सेवाओं में व्यस्त भक्तों को आशीर्वाद देने में लगाते हैं। सद्गुरु माता जी की इच्छा है कि समागम में भाग लेने वाले सभी भक्तों को कोई असुविधा न हो, सभी आराम से समागम का आनन्द प्राप्त कर सकें।

Sushil Kumar Josh

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