शहीद का पार्थिव शरीर पहुंचते ही परिवार में मचा कोहराम

शहीद जवानों के परिजनों को मुख्यमंत्री ने की 25-25 लाख रूपए देने की घोषणा; कहा- दुःख की इस घड़ी में हम सब शहीदों के परिजनों के साथ है

देहरादून (ब्यूरो)। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पुलवामा में आतंकियों द्वारा सी.आर.पी.एफ. काफिले पर किए हमले में शहीद उत्तराखण्ड के सैनिकों के परिजनों को 25 लाख रूपए दिए जाने की घोषणा की है। उन्होंने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि इस कायराना हरकत का करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दुःख की इस घड़ी में हमस ब शहीदों के परिजनों के साथ है।

इस घटना की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। पूरा देश इन शहीदों की शहादत के प्रति नतमस्तक है और अपनी सेना, अपने अर्धसैन्य बलों व पुलिस के साथ पूरी तरह खड़ा है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाईं जारी रहेगी। पुलवामा की घटना का हमारे वीर जवान करारा जवाब देंगे। मुख्यमंत्री ने फिर से दोहराया है कि देश में जब भी कोई संकट आता है ऐसे समय में हम सब एक रहते हैं। हम सबकी भावना भी एक ही रहती है।

शहीदों के सम्मान में राज्य सरकार द्वारा सैन्य व अर्द्धसैनिक बलों के आश्रितों को उनकी योग्यता के अनुसार सेवा योजित करने का निर्णय लिया गया है।  मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने शहीद परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि हमें अपने वीर जवानों पर गर्व है। हमारी सेना सशक्त व मजबूत है। हमारी सेना हमारा गौरव है। देश पर आने वाले किसी भी संकट का मुकाबला करने के लिए हमारे सैन्य बल समर्थ है।

उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं में जोश साहस तथा देश प्रेम का जज्बा है। इधर मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त सूचना के अनुसार मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने अपने शनिवार के पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है।

ज्ञातव्य है कि उत्तराखण्ड के लाल पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ में एएसआइ मोहनलाल रतूड़ी का पार्थिव शव दून पहुंच गया। इस दौरान उनके घर में अंतिम दर्शन को जनसैलाब उमड़ पड़ा। हरिद्वार में सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। शहीद का पार्थिव शरीर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया।

बच्चे और शहीद की पत्नी तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर पर चिपक गए। घर में सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। शहीद का पार्थिव शरीर को घर में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। वहीं, मौके पर सांत्वाना देने और शहीद के अंतिम दर्शन को पहुंची भीड़ ने पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ जमकर नारे लगाए। साथ ही जब तक सूरज चांद रहेगा, मोहन तेरा नाम लगेगा, ये नारा भी गूंजता रहा।

देश की रक्षा में उत्तराखंड के लाल हमेशा शहादत देने में आगे रहे हैं। गुरुवार को पुलवामा के गोरीपोरा (अवंतीपोरा) में सीआरपीएफ बटालियन पर हुए आतंकी हमले में भी प्रदेश के दो लाल शहीद हुए हैं। इनमें उत्तरकाशी, बनकोट के मूल निवासी और हाल निवासी कांवली रोड, एमडीडीए कॉलोनी के एएसआइ 55 वर्षीय मोहनलाल रतूड़ी भी शहीद हुए हैं। मोहन लाल रतूड़ी रामपुर ग्रुप सेंटर की 110 बटालियन में जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर रोड गश्त ड्यूटी में तैनात थे।

मोहनलाल की शहादत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मचा है। मोहनलाल की पत्नी सरिता देवी, बेटा शंकर, श्रीराम, बेटी अनुसूइया, वैष्णवी और गंगा के आंखों के आंसू थमने के नाम नहीं ले रहे हैं। रोते हुए सरिता देवी ने बताया कि 27 दिसंबर को उनके पति मोहनलाल एक माह की छुट्टी बिताकर ड्यूटी गए थे। जहां फोन कर उन्होंने जल्द घर आने की बात कही थी।

वहीं सीआरपीएफ के जवान बीरेंद्र राणा की शहादत की सूचना से उधमसिंह नगर जिले के मोहम्मदपुर भुड़िया गांव में गुस्सा व मातम का माहौल है। शहीद के साथी ने परिजनों को शहादत की जानकारी दी, जिसके बाद पूरा गांव गमजदा है। परिजनों को सांत्वना देने के लिए लोग उमड़ रहे हैं। लोग भारत सरकार से आतंकियों को जल्द सबक सिखाने की मांग कर रहे हैं।

Sushil Kumar Josh

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